Tuesday, November 9, 2010

सब्जियों के "राजा" की चढ़ी त्यौरियाँ

सब्जियों के "राजा" आलू की त्यौरियां अभी तक चढ़ी हुई हैं और आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रहा है। हमेशा दीपावली के समय से आलू के भावों में कमी आ जाती थी, लेकिन इस बार ऎसा नहीं हुआ। जानकारों के अनुसार पंजाब से आने वाले नए आलू की इस बार बाजार में आवक शुरू नहीं हुई है। इस कारण आलू राजा के भाव चढ़े हुए हैं और आवक आधी रह गई है। हालांकि गत एक माह से आलू के भाव लगभग स्थिर चल रहे हैं, लेकिन हमेशा की तरह इस बार भाव कम नहीं हुए। 

पिछले वर्ष दीपावली के समय आलू के खुदरा भाव 5 से 6 रूपए प्रति किलो थे, जबकि इस बार भाव 10 से 15 रूपए प्रतिकिलो हैं। वहीं पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार आवक भी आधी रह गई है। शेखावाटी अंचल में एक पखवाड़े बाद पंजाब से नए आलू की आवक शुरू होगी। इसके साथ ही आलू के भाव में गिरावट आ जाएगी। इस वर्ष पंजाब में आलू की बुवाई देरी से हुई थी। 

आमतौर पर दीपावली के समय पंजाब से नए आलू की आवक शुरू हो जाती थी। आवक के साथ ही भाव गिर जाते थे, लेकिन इस वर्ष पंजाब में समय पर बरसात नहीं होने से आलू की बुवाई प्रभावित हुई और दीपावली के समय आलू नहीं आ पाया। वहीं उत्तर प्रदेश में आलू की पकी फसल पर अतिवृष्टि हो जाने से उत्पादन प्रभावित हो गया। नतीजतन उत्पादन गिरने से भाव बढ़ गए और खपत में गिरावट आई है।

Monday, November 8, 2010

दस्तक देने लगी सर्दी

दीपावली के बाद शेखावाटी अंचल में सर्दी की रंगत बढ़ गई है। पिछले दिनों तक सुबह-शाम पड़ने वाली गुलाबी सर्दी अब अंचलवासियों को कुछ-कुछ कंपकंपाने लगी है। हालांकि सर्दी का जोर सूरज ढलने के बाद ही नजर आता है और गहराती रात में बढ़ जाती है। 

सर्दी बढ़ने से लोगों की दिनचर्या पर भी प्रभाव पड़ा है। शहरवासी जल्दी ही घर चले जाते हैं और उन्हें देर तक सोना सुहाने लगा है। नहाने के लिए गर्म पानी की मांग होने लगी है। दिनचर्या के साथ खान-पान पर भी असर पड़ा है। लोग अब ठंडे खाद्य व पेय पदार्थ से परहेज करने लगे हैं। घर-घर में गर्मा-गर्म खाद्य पदार्थो की मांग बढ़ गई है।

मौसम विज्ञों के अनुसार हवा के रुख ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। क्योंकि उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम हवा का प्रभाव बढ़ने लगा है।इसका असर यह हुआ कि सूर्य किरणों सीधी के बजाय तिरछी पड़ने लगी हैं, जिससे कोहरे के साथ-साथ छींटों की संभावना बढ़ गई है। अमूमन गर्मी में दक्षिण-पश्चिम की तरफ बहने वाली हवा का सूर्य की किरण सीधे पड़ने से प्रभाव क्षेत्र सिकुड़ जाता है। लेकिन, सूर्य किरण दक्षिण की ओर पड़ने से तापमान गिरने लगा है। फतेहपुर कृषि विज्ञान केंद्र के डा. सहदेवसिंह बताते हैं इस हवा का असर ज्यादा होने से रात को नमी बढ़ रही है, जिसका असर कोहरे के तौर पर देखने को मिल सकता है।

Saturday, November 6, 2010

रोशन हुआ हर घर आँगन

दीपमालिका के अनूठे पर्व पर हर ओर उल्लास और खुशी की बयार बहती नजर आई हर मुंडेर दीपमालाओं से सजी नजर आई । घर का कोना-कोना दीपक की लौ से जगमगाया, महालक्ष्मी के स्वागत में खुशियों की फुलझडिया झिलमिलायी और चेहरों पर मुस्कुराहटों की चमक दिखी । महालक्ष्मी की आराधना के लिए शहर दुल्हन की तरह सजा और घर-घर में लक्ष्मी की आवाभगत के लिए विशेष सजावट की गई। 
महालक्ष्मी पर्व पर घर आंगन को सजा कर लोग लक्ष्मी के आगमन के लिए पलक पावड़े बिछाये । इस मौके पर बच्चे व युवा वर्ग पटाखे छोड़ कर खुशियां मनायी । घरों में पकवान बनाकर लोग एक दूसरे के गले मिले तथा बड़ों से आशीर्वाद लिया। इस बार मानसून की मेहरबानी के कारण देहात में दीपावली के प्रति खासा उत्साह नजर आया । 
बाजार में लक्ष्मीजी का पाना, चांदी के नोट, लक्ष्मी और गणेशजी के चांदी के सिक्के, पूजा की थाली, दीपक, रूई, रोली, मोली, चावल, लौंग, सुपारी, पान, इलायची, अगरबत्ती, मिट्टी का कलश, सीता फल, बेर, शकरकंदी, खील, पताशे और गन्नों की बिक्री में तेजी रही। 

Thursday, November 4, 2010

दीवाली की धूम

धन के देवता कुबेर और महालक्ष्मी को घर लाने के लिए बुधवार को पूरा बाजार चमका और खुशियों के त्योहार दीपोत्सव की शुरुआत के साथ स्वास्थ्य के प्रतीक भगवान धन्वंतरि दिवस, यानि धनतेरस पर पूरा शहर जश्न के माहौल में डूबा रहा। 14 साल बाद आए बुधवार और धनतेरस के शुभ संयोग पर खरीदारी में लोग पीछे नहीं रहे। खरीदारों से बाजार देर रात तक अटे रहे और देर रात तक रोशनी जगमगाती रही। बुधवार होने की वजह से लोगों ने गणोश भगवान की पूजा-अर्चना कर खरीदारी की और व्यापारियों ने नए व्यापार की शुरुआत की।

बुधवार और धनतेरस का ऐसा संयोग अब 30 अक्टूबर 2024 में आएगा। शाम को घरों में यम दीया जलाकर सुख-समृद्धि की कामना की गई। वैसे तो धनतेरस पर बर्तन खरीदने का रिवाज रहा है, लेकिन शुभ मुहूर्त में नई कार, बाइक और स्कूटी के अलावा फ्रिज, एलसीडी, होम थिएटर, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव ओवन, लैपटॉप, कैमरा, मोबाइल खरीदने वालों की भी बाजार में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। वहीं सोने-चांदी के ज्वैलरी और सिक्के खरीदने वाले भी बाजार में जुटे

सज-धजकर महिलाओं व युवतियों ने तिल का तेल युक्त दीपक जला गंध, पुष्प व अक्षत से पूजन कर दक्षिण में मुख करके यम से प्रार्थना की। इस दौरान बच्चों व बड़ों ने फुलझडियां व पटाखे भी छुड़ाए। सड़कों पर वाहनों की भीड़ के बीच यातायात कई बार बाधित हुआ। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में शाम को तेरह दीपक जलाकर कुबेर की पूजा की गई। देवालयों में प्रभु के समक्ष दीपक जला परिवार की खुशहाली की कामना की।

Tuesday, November 2, 2010

दीवाली पर मिठाइयों से तौबा

दीपावली से पहले मावे में लगातार हो रही मिलावट को देखते हुए लोगों ने मावा निर्मित मिठाइयों से तौबा कर ली है। अब मावे की बर्फी के खरीददार न के बराबर रह गए हैं। उल्लेखनीय है कि दीपावली से पखवारे भर पहले बाजार में मावे के दाम आसमान पर पहुंच जाते है। इस साल भी कुछ वैसे ही चल रहा था, लेकिन तीन चार दिनों से लगातार विभिन्न स्थानों पर नकली मावे बरामद किए गए है। इस खुलासे के बाद लोगों ने मावा निर्मित मिठाईयों से तौबा कर ली है। यही वजह है कि जहां बीते साल दीपावली तक मावा करीब दो सौ रूपए प्रति किलो तक बिका था वहीं इस साल धनतेरस के एक दिन पहले तक मावा 120 से 130 रूपए प्रतिकिलो बिक रहा है। जबकि दो माह पहले मावे के दाम 140 रूपए से 160 रूपए प्रतिकिलो थे। वहीं, बेसन से बनी मिठाईयों की मांग बाजार में बढ़ती जा रही है और डूंगरगढ़ व बीकानेर से आने वाले मावे की मांग नाम मात्र की हो गयी है | गौर तलब है क़ि स्वास्थ्य एवं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कार्रवाई ने दीपावली के ठीक पहले समूचे प्रदेश में अनेक स्थानों पर बड़ी तादाद में नकली मावा पकड़ा है। इसी के साथ कई स्थानों पर महीनों पुराना, सड़ा हुआ मावा भी जब्त किया गया है। इस वजह से धनतेरस के नजदीक आने के बाद भी बाजार में मावे की मांग नहीं बनी है।

Monday, November 1, 2010

मिनी धन तेरस बना पुष्य नक्षत्र

30 साल बाद शनिवार का दिन, मित्र योग, अष्टमी तिथि व पुष्य नक्षत्र का संयोग मार्केट के लिए दिव्य योग बनकर आया। शनि पुष्य नक्षत्र के महायोग पर बाजार में खरीदारी का बूम रहा। महिलाओं में ज्वैलरी के प्रति उत्सुकता थी तो युवाओं ने कपड़ों, ऑटोमोबाइल व इलेक्ट्रोनिक्स की तरफ रुख किया। दुकानदारों की मानें तो ‘मिनी धनतेरस’ पर लोगों में जबरदस्त उत्साह रहा। जिलेभर में ज्वैलरी, इलेक्ट्रोनिक्स, ऑटोमोबाइल, गारमेंट सहित अन्य में अच्छी बिक्री होने का अनुमान है। पुष्य नक्षत्र की खरीदारी को देखते हुए तीन नवंबर की धनतेरस पर उम्मीदें दोगुनी हो गई हैं। सोने-चांदी के भावों में एक हजार रुपए तक की बढ़ोतरी के बावजूद ज्वैलरी मार्केट में तेजी देखी गई। इलेक्ट्रोनिक्स व ऑटोमोबाइल में भी लोगों ने मुहूर्त के हिसाब से बुकिंग कराई और खुशियां घर पर लेकर पहुंचे। गारमेंट मार्केट में भी महिलाओं व लड़कियों ने कपड़ें खरीदे। मार्केट में कपड़ों की काफी रेंज आई हुई है। शनि पुष्य नक्षत्र पर शुरू हुआ खरीदारी का दौर दिवाली तक यूं ही जारी रहेगा। दुकानदारों का कहना है कि पुष्य नक्षत्र की खरीदारी को देखते हुए धनतेरस पर जबरदस्त खरीदारी होगी। तीन नवंबर की धनतेरस पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। पुष्य नक्षत्र पर खरीदारी को देखते हुए शनिवार को सोने के भावों में 400 और चांदी के भाव एक हजार रुपए तेज हो गए। जेवराती सोना प्रति दस ग्राम 200 रुपए बढ़कर 18600 और फाइन गोल्ड 400 रुपए बढ़कर 19200 हो गया। इसी तरह चांदी एक हजार रुपए तेजी के साथ 37 हजार रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गई

विटामिन की दवा पिलाई

बच्चों को विटामिन की दवा पिलाने के अभियान का शनिवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक ने बच्चे को दवा पिलाकर शुभारंभ किया। महिला एवं बाल विकास अधिकारी शहर नरेंद्र शर्मा ने बताया कि शनिवार को कस्बे के वार्ड छह में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में शर्मा और पालिकाध्यक्ष मधुसूदन भिंडा ने अभियान शुरू किया। अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। सीडीपीओ ग्रामीण प्रभुदयाल बारेठ, महिला पर्यवेक्षक शांता सोनी, सुभाष पारीक आदि भी थे।