अखिल भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री रामपाल जाट का कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया गया। पिंक हाउस में भाजपा पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष रतन महर्षि के नेतृत्व में अनेक कार्यकर्ताओं ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया। जाट ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलवाने में असफल रही है। इस वर्ष गेहूं की फसल गत वर्ष से मात्र एक प्रतिशत अधिक होने का अनुमान है फिर भी सरकार इसे बम्पर क्रोप के रूप में प्रचारित क र रही है। इस दुष्प्रचार से गेहूं के भाव गिरेंगे और किसान को उसका समर्थन मूल्य भी नहीं मिलेगा। उन्होंने सरकार पर अपने घोषणा पत्र का पालन नहीं करने का आरोप लगाया।
Tuesday, March 15, 2011
Friday, March 11, 2011
बड़ी कठिन है श्याम की राह
खाटूश्यामजी मेले को लेकर सक्रिय प्रशासन पलसाना से गोवटी तक की सड़क को भूल गया है। 14 मार्च से मेला शुरू हो रहा है और इस सड़क के लिए न बजट है और न ही प्लानिंग। जबकि सीकर की तरफ से जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यही मार्ग निर्धारित किया जाता है। ऐसे में सीकर व हरियाणा से आने वाले श्रद्धालुओं को यहीं गड्ढ़ों से होकर गुजरना पड़ेगा। क्योंकि सात किलोमीटर का यह टुकड़ा पूरी तरह जर्जर हो चुका है। गोवटी से खाटूश्यामजी तक का मार्ग तो ठीक कर दिया गया है, लेकिन पीछे की रोड की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पहले यह सड़क कृषि मंडी के अधीन थी, लेकिन करीब दस माह पूर्व इसे पीडब्ल्यूडी को दे दिया गया। पीडब्ल्यूडी फिलहाल खाटूश्यामजी को जोडऩे वाली उन्हीं सड़कों की मरम्मत करा रहा है जो पहले से उसके अधीन है। गोवटी निवासी मनोहर लाल का कहना है कि मेले में इस सड़क पर वाहनों का ज्यादा दबाव रहता है। यहां से गुजरना काफी मुश्किल है। कृषि मंडी सचिव महेंद्र कुमार कहते हैं कि करीब दस माह पूर्व ही अधीनस्थ सड़कें पीडब्ल्यूडी को दे दी थी। ऐसे में उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन सुरेंद्र चौधरी का कहना है कि पहले यह सड़क कृषि मंडी के अधीन होने से जर्जर है। सड़क की दशा देखी जाएगी। पलसाना से वाया मंढा-खाटूश्यामजी तक की सड़क पर भी अभी तक पेच वर्क का कार्य हो रहा है।
खाटू में लगेंगे आकाशी गुब्बारे
खाटू जाने वाले रास्तों पर खाटूनरेश के जयकारे सुनाई देने लगे हैं। निशान लिए पैदल यात्री झुंझुनूं, सीकर सहित अन्य स्थानों से आने शुरू हो गए हैं। खाटू मेला 14 मार्च से शुरू होगा, जिसकी तैयारियों के लिए मंदिर भी सजने लगा है तो श्रीश्याम मंदिर कमेटी ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। इस बार मेले में कई तकनीक देखने को मिलेगी जो मेला भी खास होगा। श्री श्याम मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष विक्रमसिंह चौहान ने बताया कि मेले मे सुरक्षा की दृष्टि एवं श्रद्धालुओं के आकर्षण के लिए मंदिर कमेटी द्वारा आकाश मे बैलून की व्यवस्था की गई जो करीब 300 से 400 फिट की ऊंचाई पर स्थित रहेगा, जिसमे माइक्रो जूम कैमरे लगे रहेंगे जो मेले मे हर गतिविधियों की बारीकी से नजर रखेंगे। इसके अलावा पांच स्थानों पर बड़े बड़े गुब्बारे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अस्पताल, पार्किंग स्थल, मंदिर, पुलिस थाना व बस स्टैंड पर भी गुब्बारे लगाए जाएंगे जो श्रद्धालुओं को इन स्थानों की ओर इंगित करेंगे। इसके अलावा श्री श्याम मंदिर कमेटी के द्वारा मेला मैदान में सीसीटीवी कैमरे भी मय रिकोर्ड के लगाए जाएंगे। इसके अलावा मेले मेंं इस बार निशुल्क वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई है जिसमें मेले मे आए सभी श्याम भक्तों को सुरक्षित व निशुल्क वाहनों को पार्किंग करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा मेले मे पैदल आने वाले श्याम भक्तों को रास्ते मे पत्थर वगैरह न चुभे इसके लिए सड़क किनारे बालुई मिटटी बिछाई गई। इसके अलावा श्री श्याम मंदिर कमेटी के द्वारा पूरे मेले स्थल की रोशनी का जिम्मा भी श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से उठाया जा रहा है जिसमे रोशनी के साथ ही कस्बे मे डेकोरेशन का कार्य भी किया जाएगा। श्रद्धालुओं को निशुल्क प्रसाद का पैकेट भी दिए जाएंगे, जो भक्तों को मंदिर दर्शन करने के बाद मंदिर से बाहर निकलते समय दिए जाएंगे, जिसके कोई पैसे नही वसूल किए जाएंगे।
खाटू में एल सी ड़ी पर होंगे श्याम प्रभु के दर्शन
खाटूश्यामजी मेले में प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचारों का क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया है। मुख्य मेले के दौरान श्रद्वालुओं की सर्वाधिक भीड़ वाले स्थान लामिया तिराहे पर एक कलात्मक इलेक्ट्रोनिक डोम स्थापित कर एलसीडी स्क्रीन लगाया गया है। नवाचारों के विशेषाधिकारी एवं सहायक कलेक्टर प्रकाश चन्द ने बताया कि मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित कैमरे के जरिये इस डोम के चारो दिशाओं में लगाए गए बड़े एलसीडी स्क्रीन पर निरंतर श्याम प्रभु के दर्शन होते रहेंगे। उन्होंने बताया कि सूचनाओं के सहज व प्रभावी सम्प्रेषण के लिए मेला स्थल के प्रमुख स्थानों पर इलेक्ट्रोनिक पैनल्स भी स्थापित कर दिये गए हैं। मंदिर कमेटी के सौजन्य से ये उपकरण भूमि पूजन कम्पनी द्वारा लगाये गए हैं। इस कंपनी द्वारा आठ किलोमीटर दूर तक पहुंचने वाली रंगीन रोशनी की लेजर बीम छोडऩे वाला उपकरण भी स्थापित किया गया है जो मेले को भव्यता प्रदान करेगा।
श्यामनगरी में एटीएम की संख्या कम होने के कारण मेले के दौरान बाहर से आए श्रद्धालुओं को खासी परेशानी होती है। कई घंटों के इंतजार के बाद एटीएम से पैसे निकालने के लिए नंबर आता है। ऐसे में स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर के सीकर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने मेले के दौरान चल मोबाइल एटीएम लगाने का फैसला लिया। जिला प्रशासन की पहल पर स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर के सीकर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से चल मोबाइल एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी। यह एटीएम मेले के दौरान पूरे मेला परिसर में घूमती रहेगा। बैंक के सहायक महाप्रबंधक एसपी श्रीमाली ने बताया कि मेले के दौरान बैंक शाखा परिसर के बाहर खुदरा नोट एवं सिक्कों के वितरण की व्यवस्था भी की जा रही है। खाटू आने वाले श्रद्धालु 14 से 18 मार्च तक इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
Friday, March 4, 2011
बुधगिरी जी की मढ़ी पर भव्य शिलान्यास समारोह
संतों की मौजूदगी में गुरुवार को श्रीबुधगिरी मढ़ी की नवनिर्माण परियोजना का शुभारंभ हुआ। संतों के मुख से अनमोल वचनों को सुनने के लिए राज्यभर से श्रद्धालु जुटे थे। मुख्य वक्ता भारत विकास संगम के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक गोविंदाचार्य ने कहा कि आज भी भारत विश्व में नंबर एक है। इस देश की महानता का यह सबसे बड़ा उदाहरण है कि आज चीन में कहा जाता है कि यदि इस जन्म में अच्छे कार्य करोंगे तो अगला जन्म भारत में मिलेगा। भारत में रामराज्य की स्थापना सिर्फ राम का नाम लेने से नहीं हो सकती, हमें राम के आदर्शों पर चलना होगा। नारी अधिकारों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में नारी को बांटा नहीं गया है, बल्कि इस देश की संस्कृति रही है कि सीता बिना राम, राधा बिन कृष्ण अधूरे हैं तो शक्ति बिना शिव, शव के समान है। भारत भूमि की प्रशंसा करते हुए गोविंदाचार्य ने कहा कि हिमालय विश्व में अद्भुत है, नदियां अद्भुत है क्योंकि गंगा ज्ञान की, यमुना प्रेम की, नर्मदा वैराग्य की प्रतीक है। समृद्धि और संस्कृति के संतुलन का नाम ही भारत है।
इससे पहले पथमेड़ा गोशाला के मुख्य संरक्षक संत दत्तशरणानंद, श्रीलालेश्वर महादेव मंदिर बीकानेर के अधिष्ठाता संत सोमगिरिजी, संत राघवाचार्य महाराज व पूर्व शिक्षामंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने मढ़ी के प्रस्तावित माडल का अनावरण किया। संतों ने बुधगिरी महाराज के जीवन चरित्र को दर्शाने वाली पुस्तक बुधगिरी महिमा का विमोचन भी किया। पीठाधीश्वर महंत दिनेशगिरि ने मढ़ी के नवनिर्माण की आवश्यकताओं और कार्ययोजना के बारे में बताते हुए कहा कि संत शिरोमणी बाबा बुधगिरिजी और गोमाता के आर्शीवाद से मढ़ी का नवनिर्माण हो रहा है। विश्व की सबसे बड़ी गोशाला पथमेडा के प्रधान संरक्षक संत दत्तशरणानंद ने कहा कि गोसेवा में ही सबका हित निहित है, क्योंकि गाय चलता-फिरता परमात्मा है और वह परमात्मा द्वारा निर्मित वेदतत्व है। पुराने जमाने में मारवाडिय़ों के घर में गाय की पूजा होती थी और उसे वे अपने व्यापार में साझेदार भी बनाते थे लेकिन समय के साथ यह सब लोप हो गया। संत सोमगिरिजी ने कहा कि ईश्वर कही नहीं है, यदि है तो मनुष्य के भीतर है। आज का मनुष्य खुद दुखी है क्योंकि उसकी सोच में विकृति है, विकार है। हमें सदाचार लाना है तो हर व्यक्ति को संत बनना पड़ेगा। कार्यक्रम में संतों ने गोमाता की पूजा-अर्चना भी की।
संतों ने विक्रम शर्मा द्वारा बनाई बुधगिरिजी वेबसाइट के अलावा श्रीबुधगिरिजी महिमा, रमाकांत शर्मा कृत हिगंलाज चालीसा और औंकारसिंह लखावत की हिगंलाज शक्तिपीठ का विमोचन किया। संत सोमगिरीजी ने कहा कि वेबसाइट एड्रेस ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू’ भारतीय संस्कृति का प्रतीक है और तीनों डब्ल्यू का अर्थ विजडम, वरशिप और वर्क है जिसका वर्णन हमारे धर्मग्रंथों में वर्षों पूर्व किया जा चुका है।
संत दत्तशरणानंद, संत सोमगिरि व संत गुलाबयतिजी सहित सभी संतों ने महंत दिनेशगिरिजी की गोभक्ति की भूरिभूरि प्रशंसा की। सभी ने एक स्वर में कहा कि अल्पायु में महंत दिनेशगिरिजी आज देश के सभी प्रमुख संत-महात्माओं के प्रिय बने हंै तो वे सिर्फ गोभक्ति के कारण। महंत दिनेशगिरिजी ने कहा कि वे कोई बड़े संत नहीं, साधक नहीं, तपस्वी नहीं बल्कि साधारण मानव है और आज वे जो कुछ हैं सिर्फ गोसेवा के निमित हैं।
Thursday, March 3, 2011
मढ़ी पर शिव भक्तों की रही धूम
श्रीबुधगिरी मढी पर बुधवार को महाशिवरात्रि पर्व पर सालाना लक्खी मेला लगा। आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मेले के साथ मढ़ी की नव निर्माण परियोजना के शुभारंभ कार्यक्रम का आगाज भी हो गया। गुरुवार को परियोजना के शुभारंभ पर देशभर से संत और नेता पहुंचेंगे। इससे पहले बुधवार को अलसुबह ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। मढ़ी को विशेष फूलों व रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दोपहर बाद कस्बे की लोक मंडलियों ने ढप-चंग के साथ फाल्गुनी गीत, भजनों की प्रस्तुतियां दी। रात्रि को महाआरती में भी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। देर रात जागरण हुआ, जिसमें मढ़ी के पीठाधीश्वर दिनेशगिरी महाराज ने भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भक्ति की गंगा में बहने पर मजबूर कर दिया।
लोकदेवता बुधगिरिजी की समाधि को आकर्षक रूप से सजाया गया। भक्तों ने दूध, बिल्वपत्र, आक, धतूरा व भांग आदि से भगवान भोले की पूजा अर्चना की।
लोकदेवता बुधगिरिजी की समाधि को आकर्षक रूप से सजाया गया। भक्तों ने दूध, बिल्वपत्र, आक, धतूरा व भांग आदि से भगवान भोले की पूजा अर्चना की।
Wednesday, March 2, 2011
बुधगिरी जी की मढ़ी पर लक्खी मेला आज
महाशिवरात्रि पर्व पर बुधगिरि मढ़ी में दो दिवसीय नवनिर्माण परियोजना का शुभारंभ धार्मिक कार्यक्रमों के साथ होगा। देशभर से कई संत भी कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए पहुंचेंगे। बुधवार को बुधगिरिजी के 206वें निर्वाण दिवस पर मढ़ी पर लक्खी मेला भरेगा।
सालाना लक्खी मेला सुबह छह बजे से शुरू हो जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी है। मढ़ी को विशेष फूलों व रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। शिवरात्रि के मौके पर सुबह से ही श्रीबुधगिरि बाबा की समाधि और मां हिंगलाज के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो जाएगी। रात्रि 9.30 बजे महाआरती होगी। रात दस बजे से होने वाले जागरण में संत मढ़ी के पीठाधीश्वर दिनेशगिरी महाराज भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियां देंगे। सोमवार को पूरे दिन पीठाधीश्वर महंत दिनेशगिरीजी मेले की व्यवस्थाओं की देखरेख में जुटे रहे।
मेले में दोपहर बाद कस्बे की लोक मंडलियां ढप-चंग के साथ लोक कार्यक्रमों की मनभावन प्रस्तुतियां देगें। गुरुवार को नवनिर्माण परियोजना का शुभारंभ दोपहर तीन बजे से किया जाएगा। इस दिन संत बुधगिरि महाराज के जीवन चरित्र को दर्शाने वाली पुस्तक 'बुधगिरि महिमा का विमोचन किया जाएगा। कार्यक्रम में भारत विकास संगम के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक गोविंदाचार्य विशेष अतिथि होंगे। जबकि श्रीगोधाम महातीर्थ आनंदवन पथमेडा के प्रधान संरक्षक गोऋषि स्वामी दतशरणानंद महाराज, श्रीलालेश्वर महादेव मंदिर बीकानेर के अधिष्ठाता संत सोमगिरी महाराज, संत गुलाबयति गाठोदा धाम, संत धर्मगिरीजी बहरोड़, संत हीरापुरीजी डूंगरीकला, संत नरसिंहपुरीजी उदपुरिया मठ शामिल रहेंगे। इनके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, केंद्रीय राज्यमंत्री महादेवसिंह खंडेला, कर्नल किरोड़ीलाल बैंसला, ऊर्जा मंत्री डा. जितेंद्रसिंह, उद्योग मंत्री राजेंद्र पारीक, चिकित्सा राज्यमंत्री डा. राजकुमार शर्मा, विधायक भंवरू खां, विधायक राजेंद्रसिंह राठौड़, विधायक राजकुमार रिणवां, विधायक ज्ञानदेव आहूजा, विधायक महेंद्र सिंह, पूर्व शिक्षामंत्री धनश्याम तिवाड़ी भी शिरकत करने पहुंचेंगे। इस अवसर पर संतों के प्रवचन आदि कार्यक्रम भी होंगे।
सालाना लक्खी मेला सुबह छह बजे से शुरू हो जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी है। मढ़ी को विशेष फूलों व रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। शिवरात्रि के मौके पर सुबह से ही श्रीबुधगिरि बाबा की समाधि और मां हिंगलाज के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो जाएगी। रात्रि 9.30 बजे महाआरती होगी। रात दस बजे से होने वाले जागरण में संत मढ़ी के पीठाधीश्वर दिनेशगिरी महाराज भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियां देंगे। सोमवार को पूरे दिन पीठाधीश्वर महंत दिनेशगिरीजी मेले की व्यवस्थाओं की देखरेख में जुटे रहे।
मेले में दोपहर बाद कस्बे की लोक मंडलियां ढप-चंग के साथ लोक कार्यक्रमों की मनभावन प्रस्तुतियां देगें। गुरुवार को नवनिर्माण परियोजना का शुभारंभ दोपहर तीन बजे से किया जाएगा। इस दिन संत बुधगिरि महाराज के जीवन चरित्र को दर्शाने वाली पुस्तक 'बुधगिरि महिमा का विमोचन किया जाएगा। कार्यक्रम में भारत विकास संगम के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक गोविंदाचार्य विशेष अतिथि होंगे। जबकि श्रीगोधाम महातीर्थ आनंदवन पथमेडा के प्रधान संरक्षक गोऋषि स्वामी दतशरणानंद महाराज, श्रीलालेश्वर महादेव मंदिर बीकानेर के अधिष्ठाता संत सोमगिरी महाराज, संत गुलाबयति गाठोदा धाम, संत धर्मगिरीजी बहरोड़, संत हीरापुरीजी डूंगरीकला, संत नरसिंहपुरीजी उदपुरिया मठ शामिल रहेंगे। इनके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, केंद्रीय राज्यमंत्री महादेवसिंह खंडेला, कर्नल किरोड़ीलाल बैंसला, ऊर्जा मंत्री डा. जितेंद्रसिंह, उद्योग मंत्री राजेंद्र पारीक, चिकित्सा राज्यमंत्री डा. राजकुमार शर्मा, विधायक भंवरू खां, विधायक राजेंद्रसिंह राठौड़, विधायक राजकुमार रिणवां, विधायक ज्ञानदेव आहूजा, विधायक महेंद्र सिंह, पूर्व शिक्षामंत्री धनश्याम तिवाड़ी भी शिरकत करने पहुंचेंगे। इस अवसर पर संतों के प्रवचन आदि कार्यक्रम भी होंगे।
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