Tuesday, March 25, 2014

शीतला मेले में चेन स्नैचरों का आतंक

कस्बे के चूणा चौक में सोमवार को शीतला माता मेले में दो महिलाओं की सोने की चेन तोड़ ली गई। एक महिला की चेन तोडऩे के बाद साड़ी में फंसने की वजह से बच गई। मेले में एक साथ तीन घटनाओं के बाद महिलाओं में खौफ का माहौल बन गया है।

चूणा चौक में सोमवार को शीतला माता के मेले में दो महिलाओं की चेन तोड ली गई,पुलिस ने मौका निरीक्षण भी किया परन्तु आरोपीयों को पकड पानें में असफल रही। दोनों ही धटनाएं सुबह नो बजे के आसपास की है। सुबह आठ बजे वार्ड संख्या गयारह की पूजा मोदी पति राजेश मोदी अपनी सास, जिठानी के साथ शीतला माता के मंदिर में गई,वहीं मंदिर परिसर में उसकी चेन स्नेच कर ली गई। उसकी जिठानी की भी चेन स्नेच की गई परन्तु साडी में उलझ जानें से बच गई ।दूसरी धटना में वार्ड संख्या १६ की संगीता चमडिया पति  मधु चमडिया की भी मेले में चेन निकाल ली। चेन में बालाजी एवं पीतरजी की मूर्तिया भी थी।




चालू परीक्षा में कालेज का परीक्षा केंद्र बदला

राजस्थांन विश्व विद्यालय ने विद्यार्थियों के साथ भद्दा मजाक करते हुए वर्तमान में जारी परीक्षा  के दरमियान ही चमड़िया कालेज का परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया । विश्व विद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा के दरमियान की गयी सभी उड़नदस्ता जांचों में भारी अनियमितता पायी जाने के कारण यह कदम उठाया गया । तत्काल प्रभाव से विश्व विद्यालय ने परीक्षा केंद्र रुइया कालेज रामगढ़ में स्थानांतरित कर दिया था लेकिन विद्यार्थियों में इस निर्णय का भारी आक्रोश रहा । दबाव के चलते प्रशासन को तुरंत आदेश निरस्त करना पड़ा , लेकिन चमड़िया कालेज में चल रही धांधली के मद्देनजर स्थानीय विनायक कालेज को परीक्षा केंद्र घोषित किया गया । नए निर्णय का विद्यार्थियों ने स्वागत किया है । 


Sunday, March 23, 2014

आसमान में उड़ा खुशी का गुलाल

होली का त्योहार पूरे शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। हर वर्ग के लोगों ने हंसी, मस्ती और चुहलबाजी के रंगों को जमकर उड़ाया और होली की मस्ती में दिनभर डूबे रहे। रविवार को होलिका दहन के बाद सोमवार को धुलंडी के अवसर पर लोगों ने एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर बधाइयां दी। इस दौरान जगह-जगह ढप और चंग की महफिलें सजी। होली की उमंग मंदिरों में भी देखने को मिली। इसी के साथ गणगौर का पर्व भी शुरू हो गया। 

असर दिखाने लगी गर्मी

शेखावाटी में गर्मी का असर धीरे-धीरे बढने लगा है। दिन में तेज धूप के चलते पारे में भी चार डिग्री उछाल आया। दोपहर में लोगों को पंखे चलाने पड़े। धूप में तल्ख़ तेजी महसूस की गयी , शाम बाद गर्मी से राहत मिली। वहीं फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र पर अधिकतम ३१.२ व न्यूनतम ११.३ डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। 

चुवास में विशाल भागवत कथा कार्यक्रम

निकटवर्ती ग्राम चुवास में जून में आयोजित  विशाल श्रीमद् भागवत कथा को लेकर ग्रामवासियों में खासा उल्लास है । कथा के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं । श्रीनाथ आश्रम चुवास में जून माह में होने वाली श्रीमद्भागवत कथा को लेकर फतेहपुर में भी भैरूंजी के मंदिर के पास कार्यालय का उद्घाटन किया गया । आश्रम के संत निश्चलनाथ ने बताया कि दो से 10 जून तक श्रीनाथ आश्रम ग्राम चुवास में होने वाली श्रीमद् भागवत कथा में साध्वी चित्रलेखा कथावाचन करेंगी। इसके अतिरिक्त संतों के प्रवचन, 32 धूणी नाथ संप्रदाय भंडारा, रात्रि जागरण व भजन संध्या जैसे कार्यक्रम होंगे।

कृषि अनुसंधान केंद्र की एक और उपलब्धि , अंजन की फसल उगाई

फतेहपुर के कृषि अनुसंधान केंद्र ने महत्वपूर्ण शोध के जरिये शेखावाटी की जलवायु के अनुकूल अंजन की फसल विकसित करने की प्रक्रिया खोजी है । उल्लेखनीय है कि अब तक भारत में अंजन  की फसल नहीं उगाई जाती है । दक्षिणी पूर्वी एशिया में पनपने वाला अंजन (हार्ड विकिया बाय नेटा) शेखावाटी की जलवायु के लिए भी अनुकूल है। यह पौधा पांच साल में तैयार हो जाता है। इससे बलियां और चारे का अच्छा मुनाफा मिल सकता है। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र में रिसर्च सफल होने के बाद इस सीजन में पांच हजार पौधे बांटने की तैयारी है। पेड़ की खासियत ये है कि यह माइनस पांच डिग्री से लेकर 48 डिग्री तापमान में जिंदा रह सकता है। अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि जुलाई में किसानों को इसकी पौध वितरित की जाएगी। इसके लिए सामान्य कीमत तय कर रहे हैं। किसान अनुसंधान केंद्र पर संपर्क कर पौध ले सकेंगे।

Saturday, March 15, 2014

शेखावाटी की फाल्गुनी बयार में डूबा सारा देश

फतेहपुर में कल रात गढ़ प्रांगण में बही फाल्गुनी बयार ने देश विदेश से आये सभी कला प्रेमियों को झूमने विवश  कर दिया। बांसुरी की स्वर लहरिया व चंग की थाप पर थिरकते कदम। धमाल की फाल्गुनी मस्ती के बीच सरोबार होती लोक संस्कृति। कुछ इसी प्रकार का नजारा था फागोत्सव कार्यक्रम का। रामसीसरिया समूह द्वारा प्रति वर्ष आयोजित किये जाने वाले प्रख्यात कार्यक्रम फागोत्सव ने इस बार भी खूब रंग जमाया और  देर रात तक समां बांधे रखा । राजस्थानी लोक कला की अनुपम प्रस्तुतियों ने जहां भूली बिसरी राजस्थानी संस्कृति को पुनः सप्राण कर दिया वहीं मैदान में उमड़ पडी भारी भीड़ को वाहवाही बरसाने पर मजबूर कर दिया । शेखावाटी का गींदड़ और धमाल अपने आप में अलग महत्व रखते हैं, यहाँ के जो बाशिंदे दूर दराज रोजी रोटी की तलाश में बिखर गए हैं, वे भी फाल्गुन की मस्ती के मजे लूटने एक ना एक बार यहाँ जरुर आते हैं । कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने की , दूर दराज से भी अनेकों लोग कार्यक्रम  लुत्फ़ उठाने मैदान पर आये थे । कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों के अलावा स्थानीय कला मंडलों द्वारा भी मनमोहक प्रस्तुतियां दी गयी ।